उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में कथित जूना अखाड़े के एक साधु ने सोमवार दोपहर समाधि ली। इसे देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान न तो लोगों ने मुंह पर मास्क लगा रखा था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। करीब तीन घंटे बाद साधुजीवित बाहर आया तो जयकारा गूंजने लगा। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने आरोपी साधुको हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
यह पूरा मामला परछछ गांव का है।गांव में कुछ माह से गोंविद गिरिजी महाराज नाम के एक बाबा की आवाजाही शुरू हुई है।वह गांव के बाहर स्थितशिव मंदिर में पूजा-अर्चना करता है। पिछले एक पखवाड़ेसे बाबा ने अपने भक्तों के माध्यम से तीन घंटे के लिए समाधि लेने का प्रचार कराना शुरू कर दिया। इससे गांव में कौतूहल की स्थिति बन गई। सोमवार को समाधि लेने का मुहुर्तनिकाला गया था। भक्तों ने बाबा के समाधि लेने वाले स्थान के पास गहरा गड्ढा खोदा, जिसमें नीचे ईंटे बिछा दिए गए। तब तक समाधि स्थल पर भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई।
दिन के एक बजे के आसपास बाबा गड्ढे में नीचे उतर गया। ऊपर से भक्तों ने पटरे से पूरा गड्ढा ढांक दिया और फिर उस पर तिरपाल डालकर कुछ मिट्टी भी डाल दी। तब तक भीड़ समाधि स्थल के आसपास ही डटी रही। आसपास के गांवों के लोग भी पहुंच गए। शाम 4 बजे के आसपास भक्तों ने गड्ढा खोलकर बाबा को जैसे ही बाहर निकाला वैसे ही जयकारे लगने शुरू हो गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो, फोटो सोशल मीडिया में वायरल होनाशुरू हो गया।
इससे कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस गांव पहुंचकर बाबा को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। कोतवाल राजेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि बाबा ने पूछताछ में बताया है कि उसने समाधि नहीं ली थी। बल्कि गड्ढे के नीचे उतरकर पूजा-अर्चना कर रहा था। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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