//stawhoph.com/afu.php?zoneid=3891745 3 हिस्सों में बंटी पुलिस टीम पर तीन तरफ से हो रही थी गोलियों की बौछार, छत पर खड़ा विकास दुबे कहा रहा था- कोई बचकर नहीं जाएगा

3 हिस्सों में बंटी पुलिस टीम पर तीन तरफ से हो रही थी गोलियों की बौछार, छत पर खड़ा विकास दुबे कहा रहा था- कोई बचकर नहीं जाएगा

उत्तर प्रदेश में कानपुर के बिकरू गांव में गुरुवार रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। महज 30 मिनट के तांडव मेंडीएसपी बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मियों की जान चली गई। इस प्रकरण में चौबेपुर थानाध्यक्ष ने तीन जुलाई को अपराधी विकास दुबे समेत 21 नामजद व 60-70 अज्ञात पर केस दर्ज कराया है। जिसमें बताया गया कि, तीन हिस्सों में बंटी पुलिस टीम के पहुंचते ही तीन तरफ से गोलियों की बौछार होने लगी। विकास अपने घर की छत पर खड़ा पुलिसवालों को ललकार रहा था। यह हमला ऐसा था कि मानों आतंकियों ने हमला किया हो। घटना वाली रात की कहानी, पुलिस की जुबानी...

तीन टीमों में बंटकरपुलिस आगे बढ़ी
एफआईआर के अनुसार, चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय कुमार तिवारी रात 12:27 बजे अपनी टीम के साथ हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए रवाना हुए। टीम में पांच दरोगा, दो हेड कांस्टेबल, सात कांस्टेबल और जीप चालक शामिल था। बेला क्रासिंग पर डीएसपी बिल्हौर देवेंद्र मिश्र तीन सिपाहियों के साथ खड़े थे। थानाध्यक्ष बिठूर कौशलेंद्र प्रताप सिंह दो दरोगा, सात कांस्टेबल व एक जीप चालक और थानाध्यक्ष शिवराजपुर महेश यादव एक दरोगा, एक हेड कांस्टेबल, दो कांस्टेबल भी पहुंच चुके थे। यहां किस तरह से दबिश दी जानी है, किस टीम में कौन शामिल रहेगा? इसकी प्लानिंग करने के बाद सभी बिकरु गांव की तरफ रवाना हुए।

अपराधी विकास दुबे।- फाइल फोटो

घर के मेन गेट पर पहुंचते ही विकास दुबे ने की फायरिंग

यह तय हुआ कि, डीएसपी देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम तीन हिस्सों बंटेगी। पहले दल का नेतृत्व खुद डीएसपी करेंगे। जिसमें थानाध्यक्ष शिवराजपुर महेश यादव व अन्य शामिल होंगे। रात के समय दबिश होने के कारण एहतियातन सभी के पास ड्रैगन लाइट थी। द्विवेदी आटा चक्की से टीम बिकरु गांव के अंदर जाने वाले मार्ग पर बढ़ी तो सड़क पर जेसीबी खड़ी दिखी। जेसीबी के पास से गुजरते हुए योजना के अनुसार डीएसपी की टीम विकास दुबे के घर के मुख्य गेट पर रुकी। बायीं दिशा पूरब की ओर दूसरा दल एसओ बिठूर के नेतृत्व में आगे बढ़ा और दाहिनी ओर से दक्षिण दिशा की ओर तीसरा दल चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय कुमार तिवारी की अगुवाई में बढ़ा। मौके पर बिजली की पर्याप्त रोशनी थी कि, अचानक विकास दुबे छत से अपने गुर्गों के साथ पुलिस पार्टी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जोर जोर से चिल्लाने लगा कि, पुलिस वालों तुम्हारी यहां दबिश देने की हिम्मत कैसे हो गई? आज कोई बचकर नहीं जाएगा।

छतों से उतरकर घायल पुलिसकर्मियों को बदमाशों ने मारी गोली

विकास दुबे के घर के सामने राजाराम उर्फ प्रेम कुमार पांडेय की छत से भी प्रेमकुमार और उसके साथी श्यामू बाजपेयी, छोटू शुक्ला, जेसीबी चालक मोनू, जहान यादव और विकास दुबे के घर के पश्चिम की तरफ स्थित अतुल के मकान की छत से अतुल दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री, शशिकांत पांडेय, विष्णु पाल यादव, राम सिंह, रामू वाजपेयी ने अन्य साथियों के साथ घात लगाकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। तीनों दिशाओं से गोलियों की एक साथ की गई बौछार से पहली व दूसरी टीम के अधिकांश सदस्य गंभीर रुप से घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों से कुछ ने आड़ व पोजिशन लेने के लिए राजाराम पांडेय के घर की दिशा में बढ़े और कुछ लोग पप्पू मिश्रा की खाली जमीन की ओर बढ़ ही रहे थे कि बदमाश छतों से उतरकर घायल पुलिसकर्मियों पर फायर करना शुरू कर दिया। इस बीच अतुल मिश्रा की छत से गोलियों की बौछार हो रही थी। इसलिए एसओ विनय तिवारी की टीम आगे बढ़ नहीं सकी। वे अपनी जगह से बदमाशों पर फायर कर रहे थे।

10 से अधिक बदमाशों ने डीएसपी ने मारा

पप्पू मिश्रा के खाली स्थान पर बने शौचालय के पास दरोगा अनूप कुमार सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र पाल, बबलू कुमार, राहुल कुमार, सुल्तान सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, डीएसपी देवेंद्र को विकास दुबे, प्रेम कुमार पांडेय, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, गोपाल सैनी, हीरू दुबे, बउवन शुक्ला, शिवम दुबे, बालगोविंद, बऊवा दुबे व अन्य ने घसीटकर प्रेम कुमार पांडेय के घर के अंदर ले जाकर गोलियों व धारदार हथियार से हत्या कर दी। इस दौरान एसओ बिठूर कौशलेंद्र सिंह समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। बदमाश एसओ कौशलेंद्र की हत्या करने की फिराक में थे। लेकिन पुलिस पार्टी द्वारा कवर किए जाने के कारण उन्हें घायलावस्था में छोड़कर बदमाश फरार हो गए। इस दौरान बदमाश पिस्टल, कारतूस, इंसास रायफल लूट ले गए। इस घटना में 60 से 70 अज्ञात लोग भी शामिल थे। पुलिसकर्मियों के शव अलग अलग स्थानों पर बिखरे पड़े थे। इस दौरान पुलिस की तरफ से 52 राउंड फायरिंग की गई। यह घटना रात एक बजे से 1:30 बजे की है।

विकास पार्टियों का भी शौकीन था। डांस करते हुए उसकी ये फोटो वायरल है।

ये हुए हैं नामजद
विकास दुबे, राजाराम उर्फ प्रेमकुमार, श्यामू वाजपेयी, छोटू शुक्ला, जेसीबी चालक मोनू, जहान यादव, अतुल दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री, शशिकांत पांडेय, शिव तिवारी, विष्णुपाल यादव, राम सिंह, रामू वाजपेयी, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा, गोपाल सैनी, हीरू दुबे, बउउन शुक्ल, शिवम दुबे, बाल गोविंद, बउआ दुबे और 60-70 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। प्रेमकुमार व अतुल को पुलिस ने शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मार गिराया था। वहीं, दयाशंकर अग्निहोत्री को रविवार सुबह पुलिस ने गोली मारकर घायल किया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।


लेकिन एफआईआर पर उठ रहे ये सवाल
एफआईआर लिखाने वाले एसओ चौबेपुर को उनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। एफआईआर में लिखा गया है कि, जब टीम विकास दुबे के घर पहुंची तो मौके पर बिजली की पर्याप्त रोशनी थी। लेकिन अब एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि, पुलिस के पहुंचने से पहले बिकरु गांव की लाइट सब स्टेशन से कटवा दी गई थी। वहीं, यह भी लिखाया गया है कि, मृत पुलिसकर्मियों के शव इधर-उधर पड़े थे। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से भी इसमें विरोधाभास देखने को मिला। विकास दुबे के गुर्गों ने मृत पुलिसकर्मियों के शवों का ढेर लगा दिया था। वह उन्हें जलाना चाहता था।

भारी पड़ी ये चूक

  • दबिश देने से पहले पुलिस ने विकास दुबे के प्लान की जानकारी नहीं ली।
  • बुलेटप्रूफ जैकेट व सुरक्षा उपकरणों के बिना ऑपरेशन शुरु किया गया।
  • विकास के घर के बाहर जेसीबी खड़ी थी, लेकिन पुलिस वाले खतरे को भांपकर सतर्क नहीं हुए।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
यह तस्वीर कानपुर के बिकरू गांव की है। यही वह जगह है, जहां डीएचसी बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को बदमाशों ने गोली मारी थी।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/31MzpOk
via

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ