कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर काशी में 84 घाटों को रोशन कर देव दीपावली मनाने की परंपरा का निर्वहन सदियों से हो रहा है। दीपावली पर्व के बाद एक बार फिर सरयू तट दीयों की रोशनी से जगमगाएगा। सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान होगा। तड़के से ही सरयू नदी में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। इसको लेकर आस्थावानों में उत्साह है। शाम को सरयू आरती के बाद आंजनेय सेवा संस्थान के द्वारा राम की पैड़ी पर 51 हजार दिये जलाकर देव दीपावली का आयोजन होगा। इसकी शुरुआत आज शाम रामलला के दरबार में पहला दीपक जलाकर हो गई है।
श्रद्धालु आज से ही मना रहे देव दीपावली
कार्तिक पूर्णिमा आज दोपहर से लग चुकी है, इसलिए तमाम श्रद्धालुओं ने आज ही सरयू नदी में स्नान किया और दीप दान कर देव दीपावली मनाई। इसके बाद हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए। उधर, DM अनुज कुमार झा, DIG दीपक कुमार व महंत राजकुमार दास ने पहला दीपक जलाकर देव दीपावली कार्यक्रम का रविवार की शाम शुभारंभ किया। रामलला की विधिवत आरती की गई। कार्तिक पूर्णिमा मेले का समापन सोमवार को सरयू स्नान व देव दीपावली, सरयू आरती के साथ होगा।
27 मजिस्ट्रेट तैनात, छह जोन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन कड़ाई से करवाने के लिए 27 मजिस्ट्रेट की तैनाती की है। इसके साथ ही हेल्थ विभाग की टीमें भी लगी हैं, जो कोविड लक्षण मिलने पर श्रद्धालुओं की जांच कर रही है। DM एके झा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर बैरिकेडिंग करवाई गई है। इसके अलावा घाटों को जोड़ने वाले मार्गों पर भी बैरियर लगाकर चेकिंग करवाई जा रही। सरयू स्नान के लिए केवल अयोध्या के रहने वालों को ही छूट दी गई है। आईडी व मास्क की भी चेकिंग होगी। पूरे पूर्णिमा मेले क्षेत्र को 6 जोन में बांटा गया है। जिसमें घाट जोन नागेश्वरनाथ, जोन हनुमान गढ़ी, कनक भवन, यातायात, एवं गुप्तार घाट जोन हैं।
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